रूप रेखा
Roop Rekha
निर्देशक
संगीत निर्देशक
सहायक संगीत निर्देशक
कलाकार
फ़िल्म सेंसर जानकारी
Cens No=Bombay/37881 Len (ft)=11990 Reels=14 Time(mts)=133m13s Date=24.02.1948
गीत (11)
1. आज गीत के बोल बोल में उमड़ा है तूफ़ान, बदल डालेगा अभी जहान. . .
1. Aj Git Ke Bol Bol Men Umada Hai Tufan, Badal Dalega Abhi Jahan . . .
🎤 विद्यानाथ सेठ ✍️ हरी कृष्ण 'प्रेमी' 🎼 पं अमरनाथ
2. ओ गोरी काहे प्रीत करे, गोरी प्रीत करे, काहे प्रीत करे, धानी चुनरिया नीची नजरिया. . .
2. O Gori Kahe Prit Kare, Gori Prit Kare, Kahe Prit Kare, Dhani Chunariya Nichi Najariya . . .
🎤 विद्यानाथ सेठ ✍️ प्रीतम ज़ियाई 🎼 विध्यानाथ सेठ
3. फूल खिले, फूल खिले, कितने निराले, कितने निराले, किसी ने प्यार से पाले. . .
3. Phul Khile, Phul Khile, Kitane Nirale, Kitane Nirale, Kisi Ne Pyar Se Pale . . .
🎤 मुनव्वर सुल्ताना [1], विद्यानाथ सेठ ✍️ देवराज दिनेश 🎼 रबी रॉयचौधरी
4. मैं तुम्हारी कौन मैं भी जान लूं, खोल दो आंखें तो मैं पहचान लूं, दिल से पूछो. . .
4. Main Tumhari Kaun Main Bhi Jan Lun, Khol Do Ankhen To Main Pahachan Lun, Dil Se Puchho . . .
🎤 मुनव्वर सुल्ताना [1], ज़ीनत बेगम ✍️ देवराज दिनेश 🎼 रबी रॉयचौधरी
5. सजनी क्यूं प्यार जगाया था, क्यूं छुपकर बदली में चंदा मुस्काया था, क्यूं प्यार जगाया था. . .
5. Sajani Kyun Pyar Jagaya Tha, Kyun Chhupakar Badali Men Chanda Muskaya Tha, Kyun Pyar Jagaya Tha . . .
🎤 विद्यानाथ सेठ ✍️ प्रीतम ज़ियाई 🎼 रबी रॉयचौधरी
6. जहां मुस्कुराया जो तुम मुस्कुराए, सितारे हंसे चांद ने गीत गाए, कली कह गई कुछ तो. . .
6. Jahan Muskuraya Jo Tum Muskurae, Sitare Hanse Chand Ne Git Gae, Kali Kah Gai Kuchh To . . .
🎤 मुनव्वर सुल्ताना [1] ✍️ प्रीतम ज़ियाई
7. हसरत नहीं जीने की, मुश्किल नहीं मर जाना, जब देख चुकी आंखें लुटता हुआ काशाना. . .
7. Hasarat Nahin Jine Ki, Mushkil Nahin Mar Jana, Jab Dekh Chuki Ankhen Lutata Hua Kashana . . .
🎤 ज़ीनत बेगम ✍️ प्रीतम ज़ियाई 🎼 पं अमरनाथ
8. नैन मिलन की बात किसी से कहियो ना, कहियो ना, हमें भूलकर साजन में खो जइयो ना. . .
8. Nain Milan Ki Bat Kisi Se Kahiyo Na, Kahiyo Na, Hamen Bhulakar Sajan Men Kho Jaiyo Na . . .
🎤 मुनव्वर सुल्ताना [1], सुरिंदर कौर, विद्यानाथ सेठ ✍️ प्रीतम ज़ियाई 🎼 रबी रॉयचौधरी+पं अमरनाथ
9. आंखों में, आंखों में, आंखों में आंखें डाल के कोई मुस्कुरा गया. . .
9. Ankhon Men, Ankhon Men, Ankhon Men Ankhen Dal Ke Koi Muskura Gaya . . .
🎤 शमशाद बेगम ✍️ प्रीतम ज़ियाई 🎼 एस डी बातिश
10. दिल मर गया नींद आ गई. . . फ़रियाद बन के आंख में आओ ना आंसुओ. . .
10. Dil Mar Gaya Nind A Gai . . . Fariyad Ban Ke Ankh Men Ao Na Ansuo . . .
🎤 गीता दत्त ✍️ प्रीतम ज़ियाई 🎼 एस डी बातिश