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ओ पंछी

O Panchhi
वर्ष1944
विषयसामाजिक

निर्देशक

ज़हूर राजा

संगीत निर्देशक

V वी बलसारा

निर्माता

ज़हूर राजा

फ़िल्म सेंसर और बम्बई में रिलीज़ जानकारी

Cens No=Bombay/29448 Len (ft)=10605 Reels=12 Time(mts)=117m50s Date=12.05.1944

टिप्पणी

संगीतकार वी. बलसारा के अनुसार इस फ़िल्म के गीत आबिद गुलरेज़ ने लिखे थे एवं उन्होंने गीतों को कल्याणी, ज़हूर राजा, राधारानी से गवाया था. राधारानी (बंबई)

गीत (11)

1. हम तो घुल मिल के खेलेंगे होली गोरी आव, पंछी ओ पंछी कुछ बोलो. . . (शीर्षक गीत)
1. Ham To Ghul Mil Ke Khelenge Holi Gori Av, Panchhi O Panchhi Kuchh Bolo . . . (Title Song)
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा
2. वो गीत सुना दे जो आ के मेरे मन में हलचल-सी मचा दे, वो गीत जिस सुन के लौट आयें बहारें. . .
2. Vo Git Suna De Jo A Ke Mere Man Men Halachal-Si Macha De, Vo Git Jis Sun Ke Laut Ayen Baharen . . .
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा
3. हाय चन तेरे नैनों ने मारा, तुम बिन सजना चैन न आवे, तुम बिन सजना कुछ न भावे. . .
3. Haya Chan Tere Nainon Ne Mara, Tum Bin Sajana Chain Na Ave, Tum Bin Sajana Kuchh Na Bhave . . .
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा
4. आए मेरे ख़याल पर छा कर चले गए, उम्मीद के दीये से जलाकर चले गये, नज़रें मिलाईं और झुकाकर चले गए. . .
4. Ae Mere Khayal Par Chha Kar Chale Gae, Ummid Ke Diye Se Jalakar Chale Gaye, Nazaren Milain Aur Jhukakar Chale Gae . . .
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा
5. प्रेम के बान चले, इन नैनों से उन नैनों में, भर दे प्याले प्रेम के भर दे, नज़ारों का मुझे दीवाना कर दे. . .
5. Prem Ke Ban Chale, In Nainon Se Un Nainon Men, Bhar De Pyale Prem Ke Bhar De, Nazaron Ka Mujhe Divana Kar De . . .
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा
6. उधर हैं वफाओं के बदले जफाएं, इधर हैं जफ़ाओं के बदले वफ़ायें, वो अपनी जवानी में खोए हुए हैं. . .
6. Udhar Hain Vaphaon Ke Badale Japhaen, Idhar Hain Jafaon Ke Badale Vafayen, Vo Apani Javani Men Khoe Hue Hain . . .
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा
7. जीवन के दिन चार चार चार, बंदे जीवन के दिन चार, हंस हंस कर दुखःख झेले जा तूं. . .
7. Jivan Ke Din Char Char Char, Bande Jivan Ke Din Char, Hans Hans Kar Dukhahkh Jhele Ja Tun . . .
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा
8. क्यूं याद आ रहे हो, क्यूं दूर जा बसे हो, बेनूर हो गईं हैं रंगीनियां जहां की, इठला रहे हैं बादल. . .
8. Kyun Yad A Rahe Ho, Kyun Dur Ja Base Ho, Benur Ho Gain Hain Ranginiyan Jahan Ki, Ithala Rahe Hain Badal . . .
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा
9. उनको अपना बना रही हूं मैं, अपनी हस्ती मिटा रही हूं मैं, तेरी नज़रों का आसरा लेकर अपनी दुनिया बसा रही हूं मैं. . .
9. Unako Apana Bana Rahi Hun Main, Apani Hasti Mita Rahi Hun Main, Teri Nazaron Ka Asara Lekar Apani Duniya Basa Rahi Hun Main . . .
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा
10. ऐ दिल बेक़रार, ये तेरी बेक़रारियां, तेरे बग़ैर देख तो मेरी आहज़ारियां. . .
10. Ai Dil Beqarar, Ye Teri Beqarariyan, Tere Bagair Dekh To Meri Ahazariyan . . .
✍️ आबिद गुलरेज़ 🎼 वी बलसारा